Wednesday, 3 September 2008

निहाल हो गई

तर्ज़ : निहाल हो गई

चरणों में तेरे आके कमल हो गई | -2
तेरे एक दरश से -3
ज़िन्दगी निहाल हो गई ||
निहाल हो गई निहाल हो गई
तेरे एक दरश से , ज़िन्दगी निहाल हो गई ||

रेखा ऐसी खिंची तुमने के सब अद्रश्य हो गए,
डाकू कुछ समज न पाए और वो ऐसे डर गए,
पञ्च नदी में भक्त की नाव जब डूबने लगी,
जब डूबने लगी, जब डूबने लगी ,
टूटी फूटी सि नाव भी नई हो गई |
जिन शाशन की चहु और जैजैकार हो गई ||
तेरे एक दरश से -3
ज़िन्दगी निहाल हो गई ||
निहाल हो गई निहाल हो गई
तेरे एक दरश से , ज़िन्दगी निहाल हो गई ||

बावन वीरों को तुमने वश में कर लिया,
मान अम्बड़ का तुमने चकना चूर कर दिया,
अकबर को भी अभक्ष्य तुमने छुडा दिया,
तुमने छुडा दिया, तुमने छुडा दिया,
अमावस को भी तुमने कर दी थी पूनम |
गूंगो को देदी बोली अंधों को नयन ||
तेरे एक दरश से -3
ज़िन्दगी निहाल हो गई ||
निहाल हो गई निहाल हो गई
तेरे एक दरश से , ज़िन्दगी निहाल हो गई ||

चरणों में तेरे आके कमल हो गई | -2
तेरे एक दरश से -3
ज़िन्दगी निहाल हो गई ||
निहाल हो गई निहाल हो गई
तेरे एक दरश से , ज़िन्दगी निहाल हो गई ||


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